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बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• कितने तरह के होते हैं? जानें इनके पà¥à¤°à¤•ार और फायदे
रंग और मातà¥à¤°à¤¾ के आधार पर शâ€à¤¿à¤¶à¥ की डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के बाद बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• 6 पà¥à¤°à¤•ार या सà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤œ का होता है
अगसà¥â€à¤¤ के पहले हफà¥à¤¤à¥‡ में वरà¥à¤²à¥à¤¡ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡â€à¤¿à¤‚ग वीक मनाया जाता है, इसका उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥â€à¤¯ है कâ€à¤¿ लोगों तक सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के महतà¥â€à¤µ को समà¤à¤¨à¥‡ की जागरूकता फैले। बचà¥â€à¤šà¥‡ को जâ€à¤¿à¤‚दगी à¤à¤° गंà¤à¥€à¤° रोगों से बचाने के लâ€à¤¿à¤ उसे बचपन में मां का दूध देना जरूरी है। डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के बाद से सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाया जाता है जâ€à¤¿à¤¸à¤•ी मातà¥à¤°à¤¾ और कनà¥â€à¤¸â€à¤¿à¤¸à¤Ÿà¥‡à¤‚सी समय के साथ बदलती जाती है। शà¥à¤°à¥‚आत में पहला दूध सबसे अधâ€à¤¿à¤• गाढ़ा और पीला होता है जâ€à¤¿à¤¸à¥‡ कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® कहा जाता है, इसके बाद 5 अनà¥â€à¤¯ सà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤œ आती हैं जब दूध का रंग और मातà¥à¤°à¤¾ में बदलाव आता है। इस आधार पर बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• के 6 सà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤œ या बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• 6 पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं। इस लेख में हम हà¥à¤¯à¥‚मन मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• के पà¥à¤°à¤•ार और उनके फायदों पर चरà¥à¤šà¤¾ करेंगे। इस वâ€à¤¿à¤·à¤¯ पर जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जानकारी के लâ€à¤¿à¤ हमने लखनऊ के à¤à¤²à¤•ारीबाई असà¥â€à¤ªà¤¤à¤¾à¤² की गाइनोकॉलोजâ€à¤¿à¤¸à¥â€à¤Ÿ डॉ दीपा शरà¥à¤®à¤¾ से बात की।
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• कâ€à¤¿à¤¨ चीजों से मâ€à¤¿à¤²à¤•र बना होता है?
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• में कई पोषक ततà¥â€à¤µ होते हैं जâ€à¤¿à¤¨à¤•ी गâ€à¤¿à¤¨à¤¤à¥€ कर पाना मâ€à¥à¤¶à¥â€à¤•â€à¤¿à¤² है पर मà¥à¤–à¥â€à¤¯ तौर पर बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, फैट, कॉरà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸, वâ€à¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®â€à¤¿à¤¨ और मâ€à¤¿à¤¨à¤°à¤², पानी, इंजाइमà¥â€à¤¸, हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥â€à¤¸ मौजूद होते हैं। इनकी मातà¥à¤°à¤¾ हर मां के शरीर में अलग होती है। अगर डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के बाद दूध की मातà¥à¤°à¤¾ कम हो तो घबराà¤à¤‚ नहीं, दो से तीन दâ€à¤¿à¤¨ में मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ेगी। जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° केस में डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के तीसरे दâ€à¤¿à¤¨ से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ने लगती है। पहली बार मां बन रही महâ€à¤¿à¤²à¤¾à¤“ं को डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के पांचवे दâ€à¤¿à¤¨ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• बढ़ने का अहसास होगा। हà¥à¤¯à¥‚मन मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• मà¥à¤–à¥â€à¤¯ तौर पर 6 सà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤œ या पà¥à¤°à¤•ार में बंटा होता है-
1. कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤®
कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® कâ€à¤¿à¤¸à¥€ à¤à¥€ बचà¥â€à¤šà¥‡ के जीवन के लâ€à¤¿à¤ सबसे जरूरी मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• माना जाता है। ये हर परâ€à¤¿à¤µà¤¾à¤° और सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯à¤•रà¥à¤®â€à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की जâ€à¤¿à¤®à¥â€à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ है कâ€à¤¿ बचà¥â€à¤šà¥‡ को जनà¥â€à¤® के चार घंटे के à¤à¥€à¤¤à¤° कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® यानी जनà¥â€à¤® के बाद का पहला दूध मâ€à¤¿à¤²à¥‡à¥¤ इसकी मातà¥à¤°à¤¾ बहà¥à¤¤ कम होती है लेकिâ€à¤¨ इसमें पोषक ततà¥â€à¤µ होते हैं। दâ€à¤¿à¤–ने में कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® पीला और गाढ़ा होता है। डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के बाद 4 से 5 दâ€à¤¿à¤¨à¥‹à¤‚ तक बचà¥â€à¤šà¥‡ को कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® मâ€à¤¿à¤²à¤¤à¤¾ है। कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® में बीटा-कैरोटीन की मातà¥à¤°à¤¾ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® दूध में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® में à¤à¤‚टी बॉडीज और डबà¥â€à¤²à¥â€à¤¯à¥‚बीसी सैलà¥â€à¤¸ की मातà¥à¤°à¤¾ सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® में इमà¥â€à¤¯à¥‚न सâ€à¤¿à¤¸à¥â€à¤Ÿà¤® के लâ€à¤¿à¤ जरूरी पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ होते हैं, धीरे-धीरे दâ€à¤¿à¤¨ बीतने के साथ कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® में मौजूद पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ कम होने लगता है पर ये हर सà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤œ पर दूध में मौजूद होता है।
2. टà¥à¤°à¤¾à¤‚जिशन मिलà¥â€à¤• (Transitional milk)
टà¥à¤°à¤¾à¤‚जâ€à¤¿à¤¶à¤¨ मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के à¤à¤• से दो हफà¥à¤¤à¥‡ बाद आना शà¥à¤°à¥‚ होता है। टà¥à¤°à¤¾à¤‚जâ€à¤¿à¤¶à¤¨ मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ कम होती है। टà¥à¤°à¤¾à¤‚जâ€à¤¿à¤¶à¤¨ मिलà¥â€à¤• मीठा होता है और इसमें फैट की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। टà¥à¤°à¤¾à¤‚जâ€à¤¿à¤¶à¤¨ मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• का रंग सफेद और पीले रंग के बीच का होता है। टà¥à¤°à¤¾à¤‚जिशन मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• को कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® और मैचà¥â€à¤¯à¥‹à¤° मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• का कॉमà¥â€à¤¬à¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ कहा जाता है।
3. मैचà¥â€à¤¯à¥‹à¤° मिलà¥â€à¤• (Mature milk)
बचà¥â€à¤šà¥‡ की गà¥à¤°à¥‹à¤¥ के लâ€à¤¿à¤ जो à¤à¥€ जरूरी पोषक ततà¥â€à¤µà¥‹à¤‚ की जरूरत होती है वो सब मैचà¥â€à¤¯à¥‹à¤° मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• के जरâ€à¤¿à¤ बचà¥â€à¤šà¥‡ को मâ€à¤¿à¤² जाता है। मैचà¥â€à¤¯à¥‹à¤° मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• पतला और पानी जैसी कनà¥â€à¤¸â€à¤¿à¤¸à¤Ÿà¥‡à¤‚सी का होता है। मैचà¥â€à¤¯à¥‹à¤° मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• का रंग हर मां में अलग हो सकता है, अगर दूध में फैट की मातà¥à¤°à¤¾ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है तो रंग पीला होगा नहीं तो मैचà¥â€à¤¯à¥‹à¤° मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• सफेद à¤à¥€ हो सकता हे। डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के दो हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ बाद मैचà¥â€à¤¯à¥‹à¤° मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• बचà¥â€à¤šà¥‡ को मâ€à¤¿à¤²à¤¤à¤¾ है। मैचà¥â€à¤¯à¥‹à¤° मâ€à¤¿à¤²à¥à¤• में 90 पà¥à¤°à¤¤â€à¤¿à¤¶à¤¤ पानी होता है। मैचà¥â€à¤¯à¥‹à¤° मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• की बात करें तो à¤à¤• सà¥â€à¤Ÿà¤¡à¥€ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬â€à¤¿à¤• डâ€à¤¿à¤²à¥€à¤µà¤°à¥€ के 18 महीनों बाद हà¥à¤¯à¥‚मन मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• में कॉरà¥à¤¬à¥à¤¸ की मातà¥à¤°à¤¾ कम होती है और फैट व पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ती है।
4. पà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤°à¥à¤® मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• (Preterm milk)
जो मां समय से पहले बचà¥â€à¤šà¥‡ को जनà¥â€à¤® दे देती है उस मां के जरâ€à¤¿à¤ बचà¥â€à¤šà¥‡ को सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाठगठदूध को पà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤°à¥à¤® मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• कहते हैं। पà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤°à¥à¤® मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• में आयरन, सोडâ€à¤¿à¤¯à¤® की मातà¥à¤°à¤¾ अचà¥â€à¤›à¥€ होती है। पà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤°à¥à¤® मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की à¤à¥€ अचà¥â€à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ होती है। à¤à¤¸à¤¾ नहीं है कâ€à¤¿ समय से पहले जनà¥â€à¤®à¥‡ बचà¥â€à¤šà¥‡ को सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान पोषण की कमी होगी, कâ€à¤¿à¤¸à¥€ à¤à¥€ सà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤œ का बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• बचà¥â€à¤šà¥‡ के लâ€à¤¿à¤ हर हाल में पोषण से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है।
5. फोरमिलà¥â€à¤• (Fore milk)
फोरमâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• का रंग सफेद होता है। फोरमâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• से बचà¥â€à¤šà¥‡ की पà¥â€à¤¯à¤¾à¤¸ बà¥à¤à¤¤à¥€ है। फोरमâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गाढ़ा नहीं होता है। इस दूध में वâ€à¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®â€à¤¿à¤¨ और मâ€à¤¿à¤¨à¤°à¤² की मातà¥à¤°à¤¾ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। फोरमâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की à¤à¥€ अचà¥â€à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ होती है। फोरमâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• का सà¥â€à¤µà¤¾à¤¦ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मीठा होता है। फोरमâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• पतला होने के कारण इसमें फैट की मातà¥à¤°à¤¾ कम होती है।
6. हâ€à¤¿à¤‚डमâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• (Hind milk)
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¤®à¤¿à¤²à¥â€à¤• की आखâ€à¤¿à¤°à¥€ सà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤œ को हâ€à¤¿à¤‚ड मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• कहा जाता है। हâ€à¤¿à¤‚ड मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• में फैट की मातà¥à¤°à¤¾ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। हâ€à¤¿à¤‚ड मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कâ€à¤¿ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡ करवाने के कारण दूध की मातà¥à¤°à¤¾ इस सà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤œ तक बढ़ जाती है। इस दूध में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है जâ€à¤¿à¤¸à¤¸à¥‡ बचà¥â€à¤šà¥‡ की à¤à¥‚ख शांत होती है। बचà¥â€à¤šà¥‡ की गà¥à¤°à¥‹à¤¥ के लâ€à¤¿à¤ हâ€à¤¿à¤‚ड मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• जरूरी होता है।
रूम टैमà¥â€à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤šà¤° पर 6 से 8 घंटे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·â€à¤¿à¤¤ रहता है बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤•
आप जâ€à¤¿à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बचà¥â€à¤šà¥‡ को सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाà¤à¤‚गे आपके शरीर में दूध की मातà¥à¤°à¤¾ उतनी ही बढ़ेगी। अगर बचà¥â€à¤šà¤¾ सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने के लâ€à¤¿à¤ तैयार नहीं होता है तो उसे पंप की मदद से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¤®à¤¿â€à¤²à¥â€à¤• नâ€à¤¿à¤•ालकर कटोरी-चमà¥â€à¤®à¤š में डालकर à¤à¥€ पâ€à¤¿à¤²à¤¾ सकती हैं। बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• को रूम तापमान पर 6 से 8 घंटों के लâ€à¤¿à¤ रखा जा सकता है वहीं फà¥à¤°â€à¤¿à¤œ में बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• 5 दâ€à¤¿à¤¨à¥‹à¤‚ तक रखा जा सकता है और फà¥à¤°â€à¤¿à¤œà¤° में मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• को दो हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक सà¥â€à¤Ÿà¥‹à¤° कâ€à¤¿à¤¯à¤¾ जा सकता है पर पहले आपको बचà¥â€à¤šà¥‡ को मां से चâ€à¤¿à¤ªà¤•ाकर ही सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने की कोशâ€à¤¿à¤¶ करनी चाहâ€à¤¿à¤à¥¤
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ाने के लâ€à¤¿à¤ कà¥â€à¤¯à¤¾ करें?
अगर आप बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡â€à¤¿à¤‚ग करवा रही हैं तो आपको अपनी डाइट पर धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहâ€à¤¿à¤ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कâ€à¤¿ कई फैकà¥â€à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ हैं जâ€à¤¿à¤¨à¤•ा असर बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मâ€à¤¿à¤²à¥â€à¤• की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥â€à¤¤à¤¾ और मातà¥à¤°à¤¾ पर पड़ता है जैसे शराब पीना, à¤à¤²à¥â€à¤•ोहॉल का सेवन, हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥â€à¤¸ में बदलाव, दवाओं का सेवन आदâ€à¤¿à¥¤ आपको बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ फीडâ€à¤¿à¤‚ग के दौरान à¤à¤¸à¥€ डाइट लेनी चाहâ€à¤¿à¤ जâ€à¤¿à¤¸à¤®à¥‡à¤‚ फल और सबà¥â€à¤œâ€à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की मातà¥à¤°à¤¾ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो।
वैसे तो हर मां अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ को सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने में सकà¥à¤·à¤® होती है लेकâ€à¤¿à¤¨ अगर आपको सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने में कठिâ€à¤¨à¤¾à¤ˆ हो तो आप लैकà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨ à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ की मदद ले सकती हैं।
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